आज मैं खुद के साथ अकेली डेट पर गई… ❤️ और सच कहूँ तो मुझे बहुत मज़ा आया! 😊 हम महिलाएँ अक्सर घर, परिवार और बच्चों की ज़िम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि खुद के लिए समय निकालना ही भूल जाती हैं। लेकिन कभी-कभी सिर्फ़ अपने साथ समय बिताना भी बहुत ज़रूरी है। 🌸 मेरा मानना है कि हर महिला को कभी न कभी खुद के साथ अकेली डेट पर ज़रूर जाना चाहिए। कहीं घूमना, कॉफी पीना, शॉपिंग करना या बस कुछ देर शांति से बैठना… क्योंकि खुद के साथ बिताया हुआ समय भी बहुत खास होता है। ❤️ Every woman deserves a little time for herself . 🌸 Nidhi maikhuri
महाराष्ट्र में हिंदी की अनिवार्यता के लिए विपक्षियों द्वारा हंगामा हुआ । उन्होंने तर्क दिया की हिंदी को अनिवार्य भाषा नहीं बननी चाहिए बल्कि केवल मराठी भाषा ही होनी चाहिए। अब मैं पूछना चाहती हूं विपक्षियों से कि अगर आपका बच्चा इंग्लिश या स्पेनिश या कोई अदर लैंग्वेज पड़ता है तो इसमें आपको कोई आपत्ति नहीं होती है परंतु अगर बच्चा हिंदी पढ़ रहा है तो क्या आपत्ति हो रही है । अगर बच्चा हिंदुस्तान भारत में जन्म लिया है तो क्या उसे हिंदी नहीं आनी चाहिए?? । हिंदी का विद्रोह एक राजनीतिक एजेंडा है या कुछ और ? मैं कहीं गैर हिंदी भाषा क्षेत्र में रही हूं वहां के लोगों से बात की है और उनके भाव से लगता था कि उन्हें हिंदी भाषा को बोलना है लिखना है उन्हें अफसोस भी होता था कि उन्हें हिंदी भाषा नहीं आती है। मैं सरकारों से अनुरोध करती हूं कि अगर आपको राज्य में हिंदी भाषा को अनिवार्य करनी है। वहां की जनता से राय ले, ना कि राजनीतिक हिसाब से निर्णय लें। व्यक्ति को भाषा सीखने का पूर्ण अधिकार होना चाहिए वह किसी भाषा को सीखे या ना सीखें यह उसका अपना अधिकार है इसका ...