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नौ दिनों तक बेटी देवी है, तो बाकी दिन क्या है?

 नौ दिनों तक बेटी देवी है, तो बाकी  दिन क्या है? 

नवरात्रि में जिस बेटी के पैर छूकर हम आशीर्वाद लेते हैं, क्या उसी बेटी के जन्म पर किसी माँ को ताने देना सही है?

🙏 माँ दुर्गा सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

आजकल नवरात्रि की धूम पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी देखने को मिल रही है। हर तरफ माँ दुर्गा की भक्ति, कन्या पूजन और बेटियों के सम्मान की बातें हो रही हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि इन नौ दिनों में लोग बेटियों को देवी का रूप मानकर उनका आदर-सत्कार करते हैं।

लेकिन मन में एक सवाल उठता है...

क्या बेटियों का सम्मान सिर्फ नवरात्रि के नौ दिनों तक ही सीमित रहना चाहिए?

हमारे समाज में आज भी ऐसे परिवार हैं, जहाँ एक बेटी होने के बाद दूसरी संतान भी बेटी होने पर परिवार के कुछ लोग निराश हो जाते हैं। कई बार उस माँ को ताने सुनने पड़ते हैं।

कहा जाता है, "काश, एक बेटा हो जाता!"

लेकिन जरा सोचिए, उस माँ पर क्या बीतती होगी, जिसने एक बेटी को जन्म दिया है और फिर भी उसे समाज की अपेक्षाओं के कारण ताने सुनने पड़ते हैं?

जिस समाज में बेटियों को नौ दिनों तक माँ दुर्गा का रूप मानकर पूजा जाता है, उसी समाज में बेटी के जन्म पर निराशा क्यों दिखाई देती है?

हम भूल क्यों जाते हैं कि जिस शक्ति की हम मंदिरों में पूजा करते हैं, उसी स्त्री का सम्मान हमें अपने घरों में भी करना चाहिए?

नवरात्रि में कन्याओं के पैर छूना अच्छी बात है, लेकिन असली भक्ति तब है, जब हम अपनी बेटियों को भी बराबरी का अधिकार, प्यार, सम्मान और अवसर दें।

और सबसे जरूरी बात—किसी भी माँ को उसकी संतान के लिंग के आधार पर ताने न दें। बेटा हो या बेटी, दोनों ही संतान हैं और दोनों का जीवन समान रूप से अनमोल है।

🌸 माँ दुर्गा की पूजा केवल नौ दिनों का उत्सव नहीं, बल्कि नारी के सम्मान और शक्ति में विश्वास का प्रतीक होनी चाहिए।

अगर आप किसी को देवी या दुर्गा का रूप नहीं मान सकते, तो कम से कम उसे एक इंसान समझकर ही सम्मान दीजिए।

क्योंकि सच्ची पूजा केवल मंदिरों में दीप जलाने से नहीं, बल्कि किसी के जीवन में सम्मान और खुशियाँ लाने से भी होती है।

🙏 माँ दुर्गा से यही प्रार्थना है कि हर बेटी को सम्मान मिले, हर माँ को प्यार मिले और किसी भी स्त्री को बेटी को जन्म देने के कारण अपमानित न होना पड़े।

आखिर में बस एक सवाल—अगर नवरात्रि में बेटी देवी है, तो उसके जन्म पर उसे और उसकी माँ को ताने क्यों?

🌺 सोचिए जरूर, क्योंकि समाज तभी बदलेगा, जब हमारी सोच बदलेगी।

#माँदुर्गा #नवरात्रि #नारीसम्मान #बेटीबचाओबेटीपढ़ाओ #बेटाबेटीएकसमान #समाजकीसोच #सच्चीभक्ति

Nidhi Maikhuri

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